Emerald News:- कोलकाता/नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अशुतोष और सौरव की हिरासत बढ़ाए जाने को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इसे लोकतंत्र पर हमला बताते हुए दोनों की तत्काल रिहाई की मांग की। अपने बयान में ममता बनर्जी ने सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए।
ममता बनर्जी ने कहा कि जेन-Z (Gen Z) के युवा लड़के-लड़कियों को प्रताड़ित करना बंद किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि देशभर में लोकतांत्रिक आवाजों को दबाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। उनके अनुसार, कोलकाता से दिल्ली और मुंबई तक अत्याचार की घटनाएं अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गई हैं।
अपने बयान में उन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम का उल्लेख करते हुए कहा कि औपनिवेशिक शासन के खिलाफ लड़ने वाले हमारे पूर्वजों को भी अत्याचारों का सामना करना पड़ा था, लेकिन उन्होंने दृढ़ विश्वास और साहस के साथ संघर्ष जारी रखा।
ममता बनर्जी ने मौजूदा परिस्थितियों को “राज्य प्रायोजित आतंकवाद” और “पुलिस प्रायोजित अत्याचार” करार देते हुए सत्ता में बैठे नेताओं को चेतावनी दी कि ऐसी परिस्थितियां लंबे समय तक कायम नहीं रह सकतीं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और देश को बचाने के लिए लोगों को मजबूती से अपनी आवाज उठानी होगी।
अपने संदेश के अंत में ममता बनर्जी ने लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले लोगों से अशुतोष और सौरव की तत्काल रिहाई की मांग का समर्थन करने की अपील की।
मुख्य संदेश: ममता बनर्जी ने अशुतोष और सौरव की रिहाई की मांग उठाते हुए युवाओं के अधिकारों, लोकतंत्र की रक्षा और पुलिस की कार्रवाई को लेकर सरकार पर निशाना साधा।


