Emerald News:-लखनऊ/नई दिल्ली: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने पार्टी के संस्थापक मान्यवर कांशीराम जी के महापरिनिर्वाण दिवस पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कांशीराम जी के संघर्ष और उनके मिशन को याद करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य बहुजन समाज के करोड़ों दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों और अन्य कमजोर वर्गों को वोट की ताकत के माध्यम से सत्ता की मास्टर चाबी दिलाकर शोषित से शासक वर्ग बनाना था।
मायावती ने कहा कि कांशीराम जी ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के आत्मसम्मान और स्वाभिमान के अधूरे कारवां को आगे बढ़ाने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया। उन्होंने बहुजन समाज के अधिकारों, सामाजिक सम्मान और राजनीतिक भागीदारी के लिए उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। बसपा की चार बार सरकार बनने को बताया मिशन का परिणाम
मायावती ने कहा कि मान्यवर कांशीराम जी के मिशनरी संकल्प का ही परिणाम था कि उत्तर प्रदेश जैसे विशाल और महत्वपूर्ण राज्य में उनके नेतृत्व में बसपा की चार बार सरकार बनी। इन सरकारों के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन और आर्थिक मुक्ति की दिशा में ऐतिहासिक कार्य किए गए।
उन्होंने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले, नारायण गुरु, राजर्षि छत्रपति शाहूजी महाराज और बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर जैसे महापुरुषों के समता, समानता और अधिकारों के संघर्ष को जमीन पर उतारने का प्रयास किया गया, ताकि संविधान की मूल भावना को साकार किया जा सके।
कानून का राज और जनकल्याण को बताया सच्ची श्रद्धांजलि
बसपा प्रमुख ने कहा कि इन महापुरुषों से प्रेरणा लेकर उत्तर प्रदेश में सर्वसमाज के हितों को ध्यान में रखते हुए अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था, जनकल्याण और विकास के क्षेत्र में बेहतर शासन देने का प्रयास किया गया। उनके अनुसार, कांशीराम जी के विचारों और मिशन को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। मायावती ने अपने संदेश के माध्यम से बहुजन समाज के आत्मसम्मान, सामाजिक समानता और राजनीतिक सशक्तीकरण के लिए कांशीराम जी के संघर्ष को याद किया और उनके विचारों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।


