Emerald News:-नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच महिला पत्रकारों से कथित बदसलूकी का मामला राजनीतिक रूप से गरमा गया है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया और महिला प्रदर्शनकारियों के साथ पुरुष पुलिसकर्मियों द्वारा कथित तौर पर बदसलूकी की गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि महिला पत्रकारों के कैमरे छीने गए और उन्हें घसीटा गया।
राहुल गांधी ने कहा कि एक महिला पत्रकार ने दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी पर बदसलूकी का आरोप लगाया है और शिकायत पर FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर पत्रकार घंटों प्रदर्शन करते रहे। हालांकि, दिल्ली पुलिस के अनुसार महिला पत्रकारों की शिकायतें प्राप्त होने के बाद मामले को निष्पक्ष जांच के लिए क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है।
राहुल गांधी ने अपने बयान में दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी जिस पुलिस पर है, उसी पर महिलाओं के साथ कथित दुर्व्यवहार के आरोप लग रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी निशाने पर लेते हुए पूछा कि दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय के अधीन होने के बावजूद इन शिकायतों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है।
उन्होंने साकेत थाने से जुड़े पूर्व के आरोपों का भी जिक्र किया और शाहीन तथा नफ़ीसा द्वारा कथित तौर पर थाने के भीतर हुई हिंसा और बदसलूकी की शिकायतों का हवाला देते हुए साकेत थाने का पूरा CCTV फुटेज सार्वजनिक करने की मांग की।
राहुल गांधी ने मांग की कि जिन पुलिसकर्मियों पर आरोप लगे हैं, उनके खिलाफ निष्पक्ष जांच और कार्रवाई हो तथा पीड़ित महिलाओं और पत्रकारों को न्याय मिले।
उन्होंने अपने बयान के अंत में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सवाल करते हुए कहा कि “अमित शाह जी—आप और आपकी पुलिस महिलाओं से डरती क्यों है?”
गौरतलब है कि 3 अक्टूबर के जंतर-मंतर प्रदर्शन को लेकर तीन महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर यौन उत्पीड़न और बदसलूकी के आरोप लगाए हैं। दिल्ली पुलिस ने शिकायतों को क्राइम ब्रांच को जांच के लिए भेजा है, जबकि प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया ने भी पत्रकारों के साथ कथित व्यवहार पर चिंता जताई है।


