Emerald News:- नई दिल्ली: इंडिया हैबिटेट सेंटर (IHC) के निदेशक प्रो. के. जी. सुरेश ने हाल ही में सेंटर के एम्फीथिएटर में आयोजित ओल चिकी इंटरनेशनल फेस्टिवल का उद्घाटन किया। यह महोत्सव संथाली भाषा की विशिष्ट लिपि ओल चिकी और संथाल समुदाय की समृद्ध भाषाई एवं सांस्कृतिक विरासत को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
ओल चिकी संथाली भाषा की आधिकारिक लिपि है, जिसका आविष्कार वर्ष 1925 में प्रसिद्ध विद्वान एवं शिक्षक पंडित रघुनाथ मुर्मू ने किया था। उन्होंने इस लिपि को संथाली भाषा की ध्वनियों को सटीक रूप से व्यक्त करने और संथाल समुदाय को अपनी विशिष्ट लेखन प्रणाली प्रदान करने के उद्देश्य से विकसित किया था।
इस अंतरराष्ट्रीय महोत्सव की परिकल्पना और आयोजन हैबिटेट लर्निंग सेंटर के पूर्व छात्र विजय रावत ने संबंधित मंत्रालय के सहयोग से किया। यह आयोजन संथाली भाषा, उसकी लिपि और आदिवासी सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण मंच है। ओल चिकी इंटरनेशनल फेस्टिवल के माध्यम से संथाली भाषा की ऐतिहासिक विरासत और उसके सांस्कृतिक महत्व को व्यापक स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास किया गया।


