Emerald News:- नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती देते हुए कई गंभीर राजनीतिक और आर्थिक मुद्दों पर आमने-सामने चर्चा करने का प्रस्ताव रखा है। राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री किसी भी मंच और स्थान का चयन कर सकते हैं, जहां मीडिया और देश के युवाओं की मौजूदगी में दोनों नेताओं के बीच खुली बहस हो।
राहुल गांधी ने अपने संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री विपक्ष पर देशद्रोही होने के आरोप लगाते हैं, इसलिए उन्हें सामने आकर यह स्पष्ट करना चाहिए कि देशद्रोही कौन है और विदेशी ताकतों से किसका किस प्रकार का संबंध है। उन्होंने बहस के लिए मोहन भागवत सहित किसी भी व्यक्ति को निर्णायक की भूमिका देने की बात भी कही।
राहुल गांधी ने प्रस्तावित बहस में अमेरिकी डील, देश के वित्तीय ढांचे, अडानी मामले और एपस्टीन प्रकरण जैसे मुद्दों पर खुलकर चर्चा करने की मांग की। उन्होंने सवाल उठाया कि अमेरिकी डील इतनी जल्दी क्यों की गई और इस संबंध में कैबिनेट को जानकारी क्यों नहीं दी गई।
इसके अलावा, राहुल गांधी ने अपने खिलाफ दर्ज मानहानि के मुकदमों का जिक्र करते हुए कहा कि उनके खिलाफ लगभग 45 मानहानि के मामले चल रहे हैं, लेकिन विदेशी संबंधों से जुड़े आरोपों पर खुली बहस की चुनौती स्वीकार नहीं की जा रही है।
अपने संदेश के अंत में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी से बहस के लिए आगे आने की अपील करते हुए कहा कि चर्चा से सभी सवालों का जवाब सामने आ जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री को दिवाली की शुभकामनाएं भी दीं।
राहुल गांधी की इस खुली बहस की चुनौती ने एक बार फिर देश की राजनीति में सियासी चर्चा को तेज कर दिया है।


