Emerald News:- नई दिल्ली: उत्तराखंड के कुंजापुरी मेले में मशहूर पंजाबी गायक दलेर मेहंदी के साथ मंच पर हुए कथित अपमान को लेकर केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने नाराज़गी जताई है। उन्होंने कहा कि दलेर मेहंदी पंजाबी संगीत, लोक संगीत और सिनेमा जगत की पहचान होने के साथ-साथ पूरे देश की शान हैं। किसी भी कलाकार का सार्वजनिक मंच पर अपमान करना उचित नहीं है।
रामदास आठवले ने दलेर मेहंदी के संगीत योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘बोलो ता रा रा’, ‘रंग दे बसंती’ और ‘दंगल’ जैसे गीतों के जरिए उन्होंने संगीत की दुनिया में अपनी खास पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि करोड़ों लोगों के लिए दलेर मेहंदी के गाने पंजाबी संगीत से जुड़ने का पहला माध्यम रहे हैं।
आठवले ने कहा कि किसी कार्यक्रम का मनमुताबिक न होना या आयोजन को लेकर नाराज़गी पैदा होना स्वाभाविक है। यदि भुगतान या अन्य किसी तरह का विवाद है, तो उसे आयोजकों के साथ बातचीत करके सुलझाया जा सकता है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी कलाकार को भरे मंच पर अपमानित करना उचित नहीं है।
उन्होंने इस मामले को केवल दलेर मेहंदी तक सीमित न मानते हुए इसे कला और कलाकारों के सम्मान से जुड़ा विषय बताया। साथ ही, उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर किसी भी तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए।
रामदास आठवले के इस बयान में कलाकारों की गरिमा और सार्वजनिक कार्यक्रमों में उनके सम्मान को बनाए रखने पर जोर दिया गया है।


