Emerald News:- नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने दिल्ली में आयोजित दशहरा महोत्सव में भाग लिया और देशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि दशहरा अधर्म पर धर्म, असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है।
इस अवसर पर अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने प्रभु श्रीराम को धर्म, सत्य और नैतिक आचरण का आदर्श स्वरूप बताया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन और उनके आदर्श समाज को सदैव सत्य, कर्तव्यनिष्ठा और नैतिक मूल्यों के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने यह भी रेखांकित किया कि देश-विदेश में आयोजित होने वाली रामलीलाओं के माध्यम से लोग भगवान श्रीराम के महान आदर्शों और जीवन-मूल्यों को याद करते हैं। रामलीला भारतीय संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी मर्यादा, सदाचार और धर्म के संदेश को आगे बढ़ाती है। दशहरा का पर्व हमें बुराई का त्याग कर सत्य, न्याय और सदाचार के मार्ग पर चलने का संदेश देता है। राष्ट्रपति की शुभकामनाओं के साथ यह पर्व देशवासियों को सामाजिक सद्भाव, नैतिकता और सकारात्मक मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा देता है।


