विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा है कि तेजी से बदलती और प्रतिस्पर्धी होती वैश्विक व्यवस्था में भारत की भूमिका एक स्थिर और भरोसेमंद देश के तौर पर लगातार महत्वपूर्ण हो रही है। उन्होंने कहा कि बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था में देशों को अपने राष्ट्रीय हितों के साथ-साथ वैश्विक स्थिरता, सहयोग और आपसी सहमति को भी महत्व देना चाहिए।
न्यूयॉर्क में एशिया सोसाइटी के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जयशंकर ने भारत की विदेश नीति और बहुध्रुवीयता को लेकर अपना दृष्टिकोण साझा किया। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में भारत को ऐसी भूमिका निभानी चाहिए, जिससे दूसरे देश उस पर भरोसा कर सकें।
जयशंकर के मुताबिक, तेजी से बदलते अंतरराष्ट्रीय माहौल में भारत की कोशिश एक ऐसी शक्ति के रूप में अपनी पहचान मजबूत करने की होनी चाहिए, जो स्थिरता, सहयोग और संतुलन को बढ़ावा दे।
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जयशंकर का बड़ा संदेश: वैश्विक बदलाव के बीच भारत बने स्थिरता और भरोसे का केंद्र

