Emerald News:- दिल्ली के चावड़ी बाजार/चांदनी चौक इलाके में एक और तीन मंजिला इमारत गिरने की घटना सामने आई है। हादसे के बाद मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर राजधानी में पुरानी और जर्जर इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था तथा प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने इस घटना को लेकर दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार और नगर निगम (MCD) पर निशाना साधा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार और MCD की ओर से दिल्ली की इमारतों के कई बार सुरक्षा ऑडिट कराए गए हैं, तो इसके बावजूद हर महीने इमारतें क्यों गिर रही हैं?
सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि दिल्ली में भवन सुरक्षा के नाम पर वास्तविक कार्रवाई के बजाय विभिन्न विभागों में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी का खेल चल रहा है। उन्होंने दिल्ली पुलिस, MCD, अग्निशमन विभाग और राजस्व विभाग के SDM अधिकारियों पर इमारतों से कथित तौर पर रिश्वत लेने के गंभीर आरोप लगाए।
AAP नेता ने यह भी आरोप लगाया कि जो लोग रिश्वत नहीं देते, उनके खिलाफ MCD सीलिंग की कार्रवाई करता है, जबकि अन्य स्थानों पर नियमों के उल्लंघन के बावजूद इमारतें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान खुले रहते हैं।
उन्होंने ग्रेटर कैलाश-2 (GK-2) मार्केट में दो जिम सील किए जाने का उदाहरण देते हुए सवाल उठाया कि दक्षिणी दिल्ली के अन्य इलाकों में संचालित जिम और व्यावसायिक इमारतों के खिलाफ समान कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।
चावड़ी बाजार में इमारत गिरने की घटना के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि दिल्ली में बिल्डिंग सेफ्टी ऑडिट के बावजूद जमीनी स्तर पर सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं हो पा रहा है? क्या संबंधित विभागों की जवाबदेही तय होगी और जर्जर इमारतों को लेकर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी?


