पुणे के चाकन स्थित महिंद्रा के ऑटोमोटिव प्लांट में आयोजित ‘फाउंडर्स डे’ का अनुभव आनंद महिंद्रा के लिए बेहद खास रहा। उन्होंने इस आयोजन की तस्वीरें और अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि यह महिंद्रा का सबसे बड़ा ऑटोमोटिव प्लांट है, जहां करीब 25 हजार कर्मचारी कार्यरत हैं।
आनंद महिंद्रा के मुताबिक, कर्मचारियों के परिवारों को मिलाकर 35 हजार से अधिक लोग इस खास मौके पर कैंपस में मौजूद थे। पूरा परिसर उत्सव के माहौल में नजर आया। उन्होंने बताया कि पहली बार उनकी किसी यूनिट में गणतंत्र दिवस की तरह परेड और झांकियों का आयोजन किया गया, जिसमें अलग-अलग वाहनों के जरिए महिंद्रा की संस्कृति और विरासत को प्रदर्शित किया गया।
इस दौरान आनंद महिंद्रा को एक विंटेज ‘विलीज’ (Willys) जीप में बैठने का भी मौका मिला। उन्होंने बताया कि यह वाहन उनके शुभचिंतक रतन सिंह ने इस खास अवसर के लिए उपलब्ध कराया था। उन्होंने झांकियों की तारीफ करते हुए कहा कि इनमें से कुछ तो गणतंत्र दिवस की झांकियों को भी टक्कर देने वाली थीं।
हालांकि, आनंद महिंद्रा ने कहा कि ‘फाउंडर्स डे’ पर हमेशा की तरह सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र बच्चे ही रहे। उन्होंने बताया कि ऐसे कई युवा उनसे मिल चुके हैं, जो आज अपने करियर में सफल हैं और बताते हैं कि उनके माता-पिता महिंद्रा में काम करते थे। उन्हें बचपन में फाउंडर्स डे के दौरान आनंद महिंद्रा से हुई मुलाकात आज भी याद है।
आनंद महिंद्रा ने कहा कि उनके लिए ‘फाउंडर्स डे’ का असली जादू यही है—ऐसी यादें बनाना, जो बच्चों के बड़े होने के बाद भी उनके साथ बनी रहती हैं.


